नौकरी छोड़ चुके 800 कर्मचारियों के नाम वैक्सीनेशन सूची में, स्वास्थ्य विभाग बढ़ी दिक्कत
बिलासपुर
निजी अस्पताल के लगभग आठ सौ कर्मचारी ऐसे है जिनका नाम वैक्सीनेशन की सूची में आ चुका है। लेकिन अब ये नौकरी छोड़ चुके हैं। ऐसे में इनके स्थान पर आए नए कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने का दबाव निजी अस्पताल बना रहे हैं, लेकिन ऐसा करना संभव नहीं हो सक रहा है। ऐसे में इनका वैक्सीनेशन नहीं किया जा सका रहा है।
जिले में 18500 स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन्हें टीका लगाया जा रहा है। अभी तक लगभग 1500 हजार को वैक्सीन लग चुकी है। लेकिन निजी अस्पतालों के 800 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने नौकरी छोड़ दी है, लेकिन इनका नाम वैक्सीनेशन की सूची में चढ़ चुका है। लेकिन ये अब मौजूद नहीं है, इनकी जगह में इन निजी अस्पतालों में नई नियुक्ति हो चुकी है। ऐसे में निजी अस्पताल प्रबंधन चाहता है कि इनका ही वैक्सीनेशन कर दिया जाए। लेकिन यह मुमकिन नहीं है। यदि पुराने चयनित कर्मचारियों के नाम पर नए कर्मचारियों को वैक्सीन लगाते हैं तो सरकार के आकड़े में पुराने कर्मचारियों का वैक्सीनेशन हो जाएगा और वे भविष्य में वैक्सीनेशन से वंचित हो जाएंगे। इन बातों को ध्यान में रखकर इनका वैक्सीनेशन नहीं किया जा रहा है। जिससे कुछ हद तक निजी अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन कार्य प्रभावित हो गया है।
इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य शासन को पत्र लिखकर निजी अस्पताल में काम करने वाले नए कर्मचारियों का वैक्सीनेशन करने की अनुमति मांगी है। हालाकि शासन से अभी तक कोई भी जवाब नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है जब तक अनुमति नहीं मिलेगी। नए कर्मचारियों को वैक्सीनेशन से वंचित रखा जाएगा।

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